बालोद। शारदीय नवरात्रि की महाष्टमी पर सोमवार को झलमला स्थित मां गंगा मैया मंदिर में हवन-पूजन और कन्या भोज का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन की पूर्णाहुति के बाद 1150 से अधिक कन्याओं का पूजन किया गया। उन्हें खीर-पूड़ी सहित विभिन्न व्यंजन परोसे गए। इस अवसर पर सभी कन्याओं को उपहार स्वरूप स्टील की थाली दी गई।

1150 से अधिक कन्याएं हुईं शामिल
मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख सोहनलाल टावरी ने बताया कि कन्या भोज में आंगनबाड़ी केंद्रों तथा शासकीय और निजी स्कूलों में पढ़ने वाली 1150 से अधिक बच्चियों ने भाग लिया। मंदिर परिसर में कन्याओं को भोजन परोसने से लेकर स्टील की थाली वितरित करने तक की व्यवस्था महिलाओं ने संभाली।
आयोजन में प्लास्टिक की प्लेटों और गिलासों के बजाय स्टील के बर्तनों का उपयोग किया गया। कन्याओं को स्टील की थाली भेंट करने की पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

हवन-पूजन में शामिल हुए श्रद्धालु
महाष्टमी पर मंदिर में पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन कराया। दोपहर तक चले अनुष्ठान की पूर्णाहुति के बाद महाप्रसादी वितरित की गई। मां गंगा मैया के दर्शन के लिए बालोद जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
इसी तरह बालोद शहर के देवी मंदिरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी महाष्टमी पर हवन-पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना कर परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

मंगलवार को होगा ज्योत-जंवारा विसर्जन
नवरात्रि के अंतिम दिन मंगलवार को मां गंगा मैया मंदिर में ज्योत-जंवारा विसर्जन की परंपरा निभाई जाएगी। निर्धारित धार्मिक विधि के अनुसार मंदिर के गर्भगृह से विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी। इसमें 51 कुंवारे युवक सिर पर ज्योत-जंवारा कलश धारण कर शामिल होंगे। बाजे-गाजे और देवी जसगीतों के साथ यात्रा मां गंगा मैया के उद्गम स्थल बांधा तालाब पहुंचेगी, जहां ज्योत-जंवारा का विसर्जन किया जाएगा।
आयोजन में ट्रस्ट और ग्रामीणों का सहयोग
कार्यक्रम में मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक सोहनलाल टावरी, उपप्रबंधक चुम्मन ठाकुर, थानू ठाकुर, उमा पटेल, ग्राम विकास समिति के सचिव आदित्य दुबे, पालक ठाकुर, हेमंत साहू, दुलारी पटेल, मंदिर सचिव बेलजी भाई पटेल, ट्रस्टी छन्नू साहू, विजय ठाकुर, गौतम साहू और योगेश पटेल सहित ट्रस्ट के सदस्य, ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे। आयोजन में मंदिर ट्रस्ट, ग्राम विकास समिति तथा ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का सहयोग रहा।













