
महाआरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस में सराबोर नजर आया। संध्या की बेला में बांधा तालाब के घाट पर प्रज्वलित सैकड़ों दीपों की स्वर्णिम आभा ने वातावरण को अलौकिक बना दिया। मंत्रोच्चार, घंटियों की गूंज और मां गंगा मैया के जयकारों के बीच जब महाआरती संपन्न हुई, तो पूरा परिसर श्रद्धा और भक्ति के भाव से गूंज उठा। दीपों की जगमगाहट और आतिशबाजी ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।
दीपों की रोशनी में निखरी धार्मिक परंपरा
मां गंगा मैया के प्रति क्षेत्रवासियों की अटूट आस्था का प्रतीक यह आयोजन धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत करता नजर आया। बांधा तालाब के घाट पर दीप प्रज्वलन और सामूहिक महाआरती ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से अभिभूत कर दिया। श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ आरती में सहभागिता निभाई और मां के चरणों में अपनी मनोकामनाएं अर्पित कीं।
झलमला स्थित मां गंगा मैया मंदिर क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक आस्था का केंद्र है। यहां आयोजित महाआरती ने एक बार फिर श्रद्धालुओं को भक्ति, विश्वास और सामूहिक सहभागिता के सूत्र में पिरोया। आयोजन के माध्यम से धार्मिक परंपराओं के संरक्षण और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने का संदेश भी सामने आया।

सांसद भोजराज नाग सहित जनप्रतिनिधियों ने की सहभागिता
महाआरती के अवसर पर कांकेर सांसद भोजराज नाग, पवन साहू, बालोद विधानसभा क्षेत्र के जनसेवक राकेश छोटू यादव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू, नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, पालक ठाकुर तथा ग्राम पंचायत झलमला की सरपंच चुम्मन थानू ठाकुर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर गंगा मैया मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सोहन लाल टावरी, ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष गिरधर पटेल, शीतला मंदिर समिति के थानू ठाकुर एवं आशीष साहू, ग्राम विकास समिति के सचिव आदित्य दुबे, हरीश साहू, हेमंत सिन्हा, उपसरपंच हितेश ठाकुर सहित मंदिर ट्रस्ट के सदस्य, समिति पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।

आस्था, सद्भाव और संस्कृति का संदेश
महाआरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने मां गंगा मैया के प्रति क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था को प्रतिबिंबित किया। दीपों से सजे तालाब के घाट, सामूहिक आरती और भक्तिमय वातावरण ने इस धार्मिक आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया।













